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Indian Railway

Suresh Prabhu asks zonal railways to improve punctuality, safety

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Suresh Prabhu asks zonal railways to improve punctuality, safety

New Delhi: In a performance review of the Indian Railways after six months in office, railway minister Suresh Prabhu gave a four-point agenda to Mumbai’s railways. He has asked both the Central and the Western Railway to improve punctuality, safety, freight earnings and finally to bring in more passenger traffic for outstation trains.
An official said, on condition of anonymity, that the review was specifically an exercise by the minister to see exactly where the divisions have done well and where there is still need to improve. “The minister had taken office on November 9 last year so this was six-month review of our performances. For Mumbai, punctuality and safety have been some of the primary concerns as far as our suburban traffic is concerned. We deal with more than 75 lakh passengers in our local trains daily, so this was specifically mentioned,” the official said.
The Central Railway (CR) has seen a number of derailments in this period, although very few. The officials have been warned about the safety aspects as the CR has been trying to make up for maintenance gaps that have increased significantly in the last two years. The other issue, punctuality, has been a cause of concern on the Western Railway (WR) with an average delay of at least 10 to 20 minutes during peak hours. “Both the divisions have problems with punctuality and safety, so we have been told we need to improve,” the official added.
The minister has also asked WR and CR to increase their earnings from freight. Although the earnings haven’t been below that estimated in the budget, Mr Prabhu has said that this isn’t good enough.
“We have been told that freight needs to improve by leaps and bounds. Unless we get money from this section, we won’t be able to generate enough revenue to get enough funds allocated in the long run. As far as passenger traffic is concerned, we have seen a decrease in the number of people who travel in and out of Mumbai using trains, the fear is that alternate modes of transport will become too popular and trains will run empty,” the official said.
Officials have been asked to report back about the improvements made in May and have been warned that anything less than what was asked of them will not be acceptable.

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यात्रियों के बीच से उठा और दिमाग पर सटाकर की ताबड़तोड़ फायरिंग, चलती ट्रेन में शख्स की आत्महत्या ने मचाई सनसनी

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केरल के कोझिकोड में बीते दिनों चलती ट्रेन में यात्रियों को आग लगाए जाने की घटना सामने आई थी। अब चलती ट्रेन में एक शख्स के खुद गोली मारने का मामला सामने आया है। पुलिस उस शख्स की पहचान में लगी है। परेशानी वाली बात यह है कि उस शख्स के पास कोई कागज नहीं मिला है। यहां तक कि उसके पास ट्रेन पर यात्रा करने का टिकट भी नहीं था। घटना के बाद यात्रियों में हड़कंप मच गया। इमरजेंसी चेन पुलिंग की गई, जिसके बाद आरपीएफ और पुलिस ट्रेन में पहुंची। जिस बोगी में वारदात हुई है, उसे काटकर अलग कर लिया गया और यात्रियों को दूसरे डिब्बे में शिफ्ट करके ट्रेन रवाना की गई।

यात्री के खुद को गोली मारने की घटना नई दिल्ली जाने वाली नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस में हुई। बताया जा रहा है कि एक यात्री ने पश्चिम बंगाल में न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन के पास कथित रूप से खुद को गोली मार ली। व्यक्ति पहचान होनी अभी बाकी है।

जनरल डिब्बे में हुई घटना

एनएफआर के प्रवक्ता सब्यसजी डे ने बताया कि व्यक्ति ने सोमवार रात करीब आठ बजे ट्रेन के सामान्य डिब्बे में खुद को गोली मार ली। उन्होंने कहा, व्यक्ति के पास कोई टिकट या अपने बारे कोई दस्तावेज नहीं था। हम उसकी पहचान सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं।

फरेंसिक टीम बुलाई गई

न्यू जलपाई गुड़ी स्टेशन में ट्रेन से उस कोच को अलग कर लिया गया। प्रवक्ता ने कहा कि फरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है, यह स्पष्ट नहीं है कि व्यक्ति बंदूक लेकर ट्रेन में कहां से चढ़ा। नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस गुवाहाटी में कामाख्या और नई दिल्ली में आनंद विहार टर्मिनल के बीच चलती है।

प्रह्लाद कुमार नाम के एक यात्री ने बताया कि ट्रेन कामाख्या से आ रही थी और न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन पहुंचने से पहले ही कुछ राउंड फायरिंग की आवाज सुनाई दी। वे सब लोग घबरा गए। शख्स ने खुद को गोली मार ली थी। वे लोग घबरा गए।

मृणाल डेका, सब-इंस्पेक्टर, जीआरपी ने कहा कि अज्ञात शख्स के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए असम मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है। हम आगे की घटना की जांच कर रहे हैं। सबसे पहले तो मारे गए शख्स की शिनाख्त होना बाकी है।

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Grant of Dearness Allowance to Railway employees – Revised Rates effective from 01.01.2023

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RBE No: 50/2023

GOVERNMENT OF INDIA

MINISTRY OF RAILWAYS

RAILWAY BOARD

PC-VII No.- 206

File No. PC-VII/2016/I/7/2/1

New Delhi, dated: 10.04.2022

The General Manager/CAOS(R),

All India Railways & Production Units, (As per mailing list)

Sub: Grant of Dearness Allowance to Railway employees – Revised Rates effective from 01.01.2023.

The undersigned is directed to refer to this Ministry’s letter RBE No. 121/2022 dat 04.10.2022 (F.No. PC-VII/2016/1/7/2/1) on the subject mentioned above and to say that t President is pleased to decide that the Dearness Allowance payable to Railway employee shall be enhanced from the existing rate of 38% to 42% of the Basic Pay with effect from 1st January, 2023.

  1. The term ‘Basic Pay’ in the revised pay structure means the pay drawn in t prescribed Level in the Pay Matrix as per 7th CPC recommendations accepted by tl Government, but does not include any other type of pay like special pay, etc.
  2. The Dearness Allowance will continue to be distinct element of remuneration and w

not be treated as pay within the ambit of Rule 1303 (FR 9(21)), Indian Railway Establishment Code, Volume II (Sixth Edition – 1987) – Second Reprint 2005.

  1. The payment on account of Dearness Allowance involving fractions of 50 paise and above may be rounded to the next higher rupee and the fractions of less than 50 paise may be ignored.

5. This issues with the concurrence of Finance Directorate of Ministry of Railways.

(Jaya Kumar G) Deputy Director,

Pay Commission-VII & HRMS

Railway Board

e-mail: jaya.kumarg@gov.in

Ph. No: 011-47845125

New Delhi, dated: 10.04.2023

File No. PC-VII/2016/I/7/2/1

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रेलवे की दशा और दिशा लगातार बदल रही है, आईये जानते है कैसे लगातार बदल रही है रेलवे की सूरत

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Indian Railway: भारतीय रेल में हर दिन नए बदलाव किए जा रहे हैं। कभी कोयले के सहारे चलने वाली भारतीय रेल आज इलेक्ट्रिक के जरिए सरपट दौड़ती है। आए दिन सेमी हाई स्पीड ट्रेन की सौगात देश को दी जा रही है।

भारतीय रेलवे लगातार नए बदलावों से गुजर रही है। सैकड़ों साल की विरासत वाली रेलवे में हर दिन नए बदलाव लाए जा रहे हैं। कभी कोयले के सहारे चलने वाली भारतीय रेल आज इलेक्ट्रिक के जरिए सरपट दौड़ती है। हाई स्पीड ट्रेनों में जहां शताब्दी और राजधानी का वर्चस्व था वहां अब वंदे भारत की जैसी ट्रेनों की सीरीज ने अपना दबदबा कायम किया है। भारतीय रेल के अंदर की कार्यप्रणाली में भी लगातार बदलाव किए जा रहे हैं। नए बदलाव में ‘ट्रेन गार्ड’ के पद को ‘ट्रेन मैनेजर’ करने का फैसला किया गया। ऐसा बताया जा रहा था कि इस बारे में बदलाव की मांग काफी समय से की जा रही थी।
लगातार बदलाव और नए स्वरूप में उभरती भारतीय रेल के लिए ‘ट्रेन गार्ड’ पुराना हो गया था। समाज में लोग आमतौर पर यह कहते हैं कि वह कुछ निजी आदि में गार्ड हो सकते हैं। ट्रेन के जुड़ी औपचारिक बातों को ध्यान में रखें तो गार्ड ट्रेन का प्रभारी होता है। इसलिए इस बात के आवाज उठाई जा रही थी की यह काफी उपयुक्त होगा कि ट्रेन गार्ड के मौजूदा पदनाम को बदलकर ‘ट्रेन मैनेजर’ कर दिया जाए। ऐसा बताया जाता है यह एक गरिमापूर्ण पद होगा, ताकि वे समाज में एक सम्मानजनक जीवन जी सकें।


13 जनवरी के संशोधित पदनाम दस्तावेज के अनुसार, सहायक गार्ड अब ‘सहायक यात्री ट्रेन मैनेजर’, माल गार्ड ‘माल ट्रेन मैनेजर’, एक वरिष्ठ यात्रियों का गार्ड ‘वरिष्ठ यात्री ट्रेन मैनेजर’ और मेल या एक्सप्रेस होगा ट्रेन गार्ड मेल/एक्सप्रेस ट्रेन मैनेजर होगा।

क्या होंगी जिम्मेदारियां
रेलवे की तरफ से गार्ड का पदनाम बदलकर उन्हें ट्रेन मैनेजर तो कर दिया गया लेकिन उनकी जिम्मेदारियों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। ट्रेन में यात्रियों की जरूरतों को पूरा करने के अलावा पार्सल आदि का मैनेजमेंट, यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेन की देखरेख की जिम्मेदारी भी ट्रेन के मैनेजर पर ही होगी।
भारतीय रेल सेमी हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत की रूट में लगातार इजाफा करता जा रहा है। जल्द ही भारत को दो और वंदे भारत ट्रेन मिलने वाली है। यह ट्रेन दक्षिण के राज्यों को कवर करेगी। इन ट्रेनों में सिकंदराबाद-तिरुपति वंदे भारत और चेन्नई-कोयंबटूर वंदे भारत ट्रेन शामिल है। मौजूदा वक्त में 11 वंदे भारत ट्रेन चल रही है। हाल ही में 11वीं वंदे भारत ट्रेन को पीएम मोदी ने भोपाल से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

सिकंदराबाद-तिरुपति वंदे भारत 
सिकंदराबाद-तिरुपति वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन सिकंदराबाद से मंगलवार को छोड़कर सभी दिन चलेगी। सिकंदराबाद और तिरुपति के बीच अपनी यात्रा के दौरान, ट्रेन के नलगोंडा, गुंटूर, ओंगोल और नेल्लोर में रुकने की संभावना है। सिकंदराबाद से वंदे भारत सुबह छह बजे चल सकती है और फिर नलगोंडा, गुंटूर होते हुए साढ़े दो बजे तिरुपति पहुंचेगी। इसके अलावा, तिरुपति से ट्रेन के दोपहर में सवा तीन बजे चलने की उम्मीद है और फिर रात 11.45 पर सिकंदराबाद पहुंच सकती है। हालांकि, अभी तक टाइमिंग को लेकर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

चेन्नई-कोयंबटूर वंदे भारत
पीएम मोदी चेन्नई से कोयंबटूर के बीच वंदे भारत को भी आठ अप्रैल को ही हरी झंडी दिखाएंगे। इस ट्रेन का ट्रायल रन पिछले दिनों पूरा किया गया, जिसमें शानदार नतीजे निकलकर सामने आए। ट्रायल रन के दौरान ट्रेन ने चेन्नई से कोयम्बटूर के बीच अपना समय 22 मिनट पहले ही पूरा कर लिया। जानकारी के अनुसार, ट्रेन सुबह 5.40 पर चली और फिर 11.18 पर कोयंबटूर पहुंच गई। माना जा रहा है कि यह ट्रेन सुबह छह बजे कोयम्बटूर से चल सकती है और फिर दोपहर 12.10 बजे चेन्नई सेंट्रल पहुंचेगी। इसके बाद दोपहर 2.20 पर चेन्नई से चलकर वापस रात 8.30 बजे कोयम्बटूर पहुंच सकती है।

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