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Indian Railway

Railway to auction 100 Railway stations to private companies

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NEW DELHI: Indian Railways is on track to take the e-auction route for the first time for redevelopment of stations through public-private partnership (PPP).
The cash-strapped operator is working on a policy for e-auctioning contracts for about 100 railway stations in a bid to overcome the bureaucratic hurdles faced by private companies while undertaking PPP projects, a top railway board official said. The official, who did not wish to be named, said private players will be able to submit their bids online, after which a technical committee will study and approve the bids. He added that private players tasked with converting the railway stations into world-class transit facilities will be given a specified area within the station premises and around it to be exploited commercially.
“The space given to companies for commercial development will be such that they get decent returns. Joint ventures will be formed at the divisional level for the project,” the official said.

Prime Minister Narendra Modi recently told the Indian diaspora in an interaction in France that he had invited French companies to explore commercial opportunities in Indian Railways. India hopes foreign players including companies from Japan will be interested in investing in the station redevelopment project.

“We have proposed a very transparent and swift procedure, which is a giant leap from whatever we have tried earlier in the PPP space,” the official said.

The erstwhile UPA government had also planned to renovate major railway stations with about Rs 10,000 crore of private funds. However, private players stayed away as they were not convinced about the viability of projects.

The railways thereafter decided to redevelop five stations through PPP on a pilot basis but this plan too fell flat.

Indian Railways is now working on the list of stations which will be offered to private companies for redevelopment. “The number and names of stations are not confirmed but we hope to start with around 100 stations in all zonal railways including major tourist destinations which receive a heavy footfall,” the official cited earlier said. Railway minister Suresh Prabhu had said while presenting his maiden rail budget February that private sector could be roped in to improve last-mile connectivity, expand fleet of rolling stock and modernise station infrastructure.

Railways reported an operational ratio of 93.5% in 2013-14, leaving it with little funds to finance upgrade and modernisation of rail infrastructure.

Source ET

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यात्रियों के बीच से उठा और दिमाग पर सटाकर की ताबड़तोड़ फायरिंग, चलती ट्रेन में शख्स की आत्महत्या ने मचाई सनसनी

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केरल के कोझिकोड में बीते दिनों चलती ट्रेन में यात्रियों को आग लगाए जाने की घटना सामने आई थी। अब चलती ट्रेन में एक शख्स के खुद गोली मारने का मामला सामने आया है। पुलिस उस शख्स की पहचान में लगी है। परेशानी वाली बात यह है कि उस शख्स के पास कोई कागज नहीं मिला है। यहां तक कि उसके पास ट्रेन पर यात्रा करने का टिकट भी नहीं था। घटना के बाद यात्रियों में हड़कंप मच गया। इमरजेंसी चेन पुलिंग की गई, जिसके बाद आरपीएफ और पुलिस ट्रेन में पहुंची। जिस बोगी में वारदात हुई है, उसे काटकर अलग कर लिया गया और यात्रियों को दूसरे डिब्बे में शिफ्ट करके ट्रेन रवाना की गई।

यात्री के खुद को गोली मारने की घटना नई दिल्ली जाने वाली नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस में हुई। बताया जा रहा है कि एक यात्री ने पश्चिम बंगाल में न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन के पास कथित रूप से खुद को गोली मार ली। व्यक्ति पहचान होनी अभी बाकी है।

जनरल डिब्बे में हुई घटना

एनएफआर के प्रवक्ता सब्यसजी डे ने बताया कि व्यक्ति ने सोमवार रात करीब आठ बजे ट्रेन के सामान्य डिब्बे में खुद को गोली मार ली। उन्होंने कहा, व्यक्ति के पास कोई टिकट या अपने बारे कोई दस्तावेज नहीं था। हम उसकी पहचान सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं।

फरेंसिक टीम बुलाई गई

न्यू जलपाई गुड़ी स्टेशन में ट्रेन से उस कोच को अलग कर लिया गया। प्रवक्ता ने कहा कि फरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है, यह स्पष्ट नहीं है कि व्यक्ति बंदूक लेकर ट्रेन में कहां से चढ़ा। नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस गुवाहाटी में कामाख्या और नई दिल्ली में आनंद विहार टर्मिनल के बीच चलती है।

प्रह्लाद कुमार नाम के एक यात्री ने बताया कि ट्रेन कामाख्या से आ रही थी और न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन पहुंचने से पहले ही कुछ राउंड फायरिंग की आवाज सुनाई दी। वे सब लोग घबरा गए। शख्स ने खुद को गोली मार ली थी। वे लोग घबरा गए।

मृणाल डेका, सब-इंस्पेक्टर, जीआरपी ने कहा कि अज्ञात शख्स के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए असम मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है। हम आगे की घटना की जांच कर रहे हैं। सबसे पहले तो मारे गए शख्स की शिनाख्त होना बाकी है।

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Grant of Dearness Allowance to Railway employees – Revised Rates effective from 01.01.2023

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RBE No: 50/2023

GOVERNMENT OF INDIA

MINISTRY OF RAILWAYS

RAILWAY BOARD

PC-VII No.- 206

File No. PC-VII/2016/I/7/2/1

New Delhi, dated: 10.04.2022

The General Manager/CAOS(R),

All India Railways & Production Units, (As per mailing list)

Sub: Grant of Dearness Allowance to Railway employees – Revised Rates effective from 01.01.2023.

The undersigned is directed to refer to this Ministry’s letter RBE No. 121/2022 dat 04.10.2022 (F.No. PC-VII/2016/1/7/2/1) on the subject mentioned above and to say that t President is pleased to decide that the Dearness Allowance payable to Railway employee shall be enhanced from the existing rate of 38% to 42% of the Basic Pay with effect from 1st January, 2023.

  1. The term ‘Basic Pay’ in the revised pay structure means the pay drawn in t prescribed Level in the Pay Matrix as per 7th CPC recommendations accepted by tl Government, but does not include any other type of pay like special pay, etc.
  2. The Dearness Allowance will continue to be distinct element of remuneration and w

not be treated as pay within the ambit of Rule 1303 (FR 9(21)), Indian Railway Establishment Code, Volume II (Sixth Edition – 1987) – Second Reprint 2005.

  1. The payment on account of Dearness Allowance involving fractions of 50 paise and above may be rounded to the next higher rupee and the fractions of less than 50 paise may be ignored.

5. This issues with the concurrence of Finance Directorate of Ministry of Railways.

(Jaya Kumar G) Deputy Director,

Pay Commission-VII & HRMS

Railway Board

e-mail: jaya.kumarg@gov.in

Ph. No: 011-47845125

New Delhi, dated: 10.04.2023

File No. PC-VII/2016/I/7/2/1

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रेलवे की दशा और दिशा लगातार बदल रही है, आईये जानते है कैसे लगातार बदल रही है रेलवे की सूरत

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Indian Railway: भारतीय रेल में हर दिन नए बदलाव किए जा रहे हैं। कभी कोयले के सहारे चलने वाली भारतीय रेल आज इलेक्ट्रिक के जरिए सरपट दौड़ती है। आए दिन सेमी हाई स्पीड ट्रेन की सौगात देश को दी जा रही है।

भारतीय रेलवे लगातार नए बदलावों से गुजर रही है। सैकड़ों साल की विरासत वाली रेलवे में हर दिन नए बदलाव लाए जा रहे हैं। कभी कोयले के सहारे चलने वाली भारतीय रेल आज इलेक्ट्रिक के जरिए सरपट दौड़ती है। हाई स्पीड ट्रेनों में जहां शताब्दी और राजधानी का वर्चस्व था वहां अब वंदे भारत की जैसी ट्रेनों की सीरीज ने अपना दबदबा कायम किया है। भारतीय रेल के अंदर की कार्यप्रणाली में भी लगातार बदलाव किए जा रहे हैं। नए बदलाव में ‘ट्रेन गार्ड’ के पद को ‘ट्रेन मैनेजर’ करने का फैसला किया गया। ऐसा बताया जा रहा था कि इस बारे में बदलाव की मांग काफी समय से की जा रही थी।
लगातार बदलाव और नए स्वरूप में उभरती भारतीय रेल के लिए ‘ट्रेन गार्ड’ पुराना हो गया था। समाज में लोग आमतौर पर यह कहते हैं कि वह कुछ निजी आदि में गार्ड हो सकते हैं। ट्रेन के जुड़ी औपचारिक बातों को ध्यान में रखें तो गार्ड ट्रेन का प्रभारी होता है। इसलिए इस बात के आवाज उठाई जा रही थी की यह काफी उपयुक्त होगा कि ट्रेन गार्ड के मौजूदा पदनाम को बदलकर ‘ट्रेन मैनेजर’ कर दिया जाए। ऐसा बताया जाता है यह एक गरिमापूर्ण पद होगा, ताकि वे समाज में एक सम्मानजनक जीवन जी सकें।


13 जनवरी के संशोधित पदनाम दस्तावेज के अनुसार, सहायक गार्ड अब ‘सहायक यात्री ट्रेन मैनेजर’, माल गार्ड ‘माल ट्रेन मैनेजर’, एक वरिष्ठ यात्रियों का गार्ड ‘वरिष्ठ यात्री ट्रेन मैनेजर’ और मेल या एक्सप्रेस होगा ट्रेन गार्ड मेल/एक्सप्रेस ट्रेन मैनेजर होगा।

क्या होंगी जिम्मेदारियां
रेलवे की तरफ से गार्ड का पदनाम बदलकर उन्हें ट्रेन मैनेजर तो कर दिया गया लेकिन उनकी जिम्मेदारियों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। ट्रेन में यात्रियों की जरूरतों को पूरा करने के अलावा पार्सल आदि का मैनेजमेंट, यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेन की देखरेख की जिम्मेदारी भी ट्रेन के मैनेजर पर ही होगी।
भारतीय रेल सेमी हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत की रूट में लगातार इजाफा करता जा रहा है। जल्द ही भारत को दो और वंदे भारत ट्रेन मिलने वाली है। यह ट्रेन दक्षिण के राज्यों को कवर करेगी। इन ट्रेनों में सिकंदराबाद-तिरुपति वंदे भारत और चेन्नई-कोयंबटूर वंदे भारत ट्रेन शामिल है। मौजूदा वक्त में 11 वंदे भारत ट्रेन चल रही है। हाल ही में 11वीं वंदे भारत ट्रेन को पीएम मोदी ने भोपाल से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

सिकंदराबाद-तिरुपति वंदे भारत 
सिकंदराबाद-तिरुपति वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन सिकंदराबाद से मंगलवार को छोड़कर सभी दिन चलेगी। सिकंदराबाद और तिरुपति के बीच अपनी यात्रा के दौरान, ट्रेन के नलगोंडा, गुंटूर, ओंगोल और नेल्लोर में रुकने की संभावना है। सिकंदराबाद से वंदे भारत सुबह छह बजे चल सकती है और फिर नलगोंडा, गुंटूर होते हुए साढ़े दो बजे तिरुपति पहुंचेगी। इसके अलावा, तिरुपति से ट्रेन के दोपहर में सवा तीन बजे चलने की उम्मीद है और फिर रात 11.45 पर सिकंदराबाद पहुंच सकती है। हालांकि, अभी तक टाइमिंग को लेकर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

चेन्नई-कोयंबटूर वंदे भारत
पीएम मोदी चेन्नई से कोयंबटूर के बीच वंदे भारत को भी आठ अप्रैल को ही हरी झंडी दिखाएंगे। इस ट्रेन का ट्रायल रन पिछले दिनों पूरा किया गया, जिसमें शानदार नतीजे निकलकर सामने आए। ट्रायल रन के दौरान ट्रेन ने चेन्नई से कोयम्बटूर के बीच अपना समय 22 मिनट पहले ही पूरा कर लिया। जानकारी के अनुसार, ट्रेन सुबह 5.40 पर चली और फिर 11.18 पर कोयंबटूर पहुंच गई। माना जा रहा है कि यह ट्रेन सुबह छह बजे कोयम्बटूर से चल सकती है और फिर दोपहर 12.10 बजे चेन्नई सेंट्रल पहुंचेगी। इसके बाद दोपहर 2.20 पर चेन्नई से चलकर वापस रात 8.30 बजे कोयम्बटूर पहुंच सकती है।

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